| Song: Maula |
| Movie: Iqbal |
| Genre: Indian Film Pop |
| Year: 2005 |
| By: Shriram Iyer |
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| English Lyrics |
Ishq bhi kiya re maula
Dard bhi diya re maula
Oo... Oo...
Ishq bhi kiya re maula
Dard bhi diya re maula
Yun toh khush raha magar kuch reh gaya baaki
Faqr bhi kiya re maula
Ilm bhi liya re maula
Zindagi jiya magar kuch reh gaya baaki
Tu nahi dikha re maula
Sab nahin bika re maula
Aur jahaan ruka wahaan pe
Jaam hai khaali
Dum taram ra ra...
Chaah ki kami mein tu hai
Aankh ki nami mein tu hai
Aas mein tu, pyaas mein tu
Saans mein tu
Tu bewajah haseen tu hai
Jo dikhe ussi mein tu hai
Aksh mein tu, raksh mein tu, jaan mein tu
Ishq bhi kiya re maula
Dard bhi diya re maula
Yun toh khush raha magar kuch reh gaya baaki
Faqr bhi kiya re maula
Ilm bhi liya re maula
Zindagi jiya magar kuch reh gaya baaki
Tu nahi dikha re maula
Sab nahin bika re maula
Aur jahaan ruka wahaan pe
Jaam hai khaali
Dum taram ra ra...
Zeest ki sacchaiyon se, rooh ke gehraiyon se
Raat ki tanhaiyon se, tu zar zara
Zeest ki sacchaiyon se, rooh ke gehraiyon se
Raat ki tanhaiyon se, tu zar zara
Dum taram ra ra...
Dard bhi diya re maula
Oo... Oo...
Ishq bhi kiya re maula
Dard bhi diya re maula
Yun toh khush raha magar kuch reh gaya baaki
Faqr bhi kiya re maula
Ilm bhi liya re maula
Zindagi jiya magar kuch reh gaya baaki
Tu nahi dikha re maula
Sab nahin bika re maula
Aur jahaan ruka wahaan pe
Jaam hai khaali
Dum taram ra ra...
Chaah ki kami mein tu hai
Aankh ki nami mein tu hai
Aas mein tu, pyaas mein tu
Saans mein tu
Tu bewajah haseen tu hai
Jo dikhe ussi mein tu hai
Aksh mein tu, raksh mein tu, jaan mein tu
Ishq bhi kiya re maula
Dard bhi diya re maula
Yun toh khush raha magar kuch reh gaya baaki
Faqr bhi kiya re maula
Ilm bhi liya re maula
Zindagi jiya magar kuch reh gaya baaki
Tu nahi dikha re maula
Sab nahin bika re maula
Aur jahaan ruka wahaan pe
Jaam hai khaali
Dum taram ra ra...
Zeest ki sacchaiyon se, rooh ke gehraiyon se
Raat ki tanhaiyon se, tu zar zara
Zeest ki sacchaiyon se, rooh ke gehraiyon se
Raat ki tanhaiyon se, tu zar zara
Dum taram ra ra...
| Hindi Lyrics |
मौला अली मौला मौला अली मौला
मौला अली मौला मौला अली मौला
राहे हसे मु ना मोड़ा आपने
जो ना हो अल्लाह के दिलबर अली
हर जगे चल गेसुजा अटके हुए
फ़तेह करके आये जब ख़बर अली
गुलशन गुलशन डाली डाली
गुलशन गुलशन डाली डाली
फूल फूल और काली काली में
फूल फूल और काली काली में
कलबु कलबु पे ज़बा ज़बा पार
बस्ती बस्ती गली गली
मौला अली मौला मौला अली मौला
मौला अली मौला मौला अली मौला
अली का मरतबा ये अज़मते मौला अली
ये है रसूले हाशमी से मिस्बातें
मौला अली ये है मोहम्मद ने जो फरमाया
लगा लो उसे अंदाज़ा मोहम्मद ने जो फरमाया
लगा लो उसे अंदाज़ा के मैं इल्म और मेरे अली है
उसका दरवाजा
मौला अली मौला मौला अली मौला
मौला अली मौला मौला अली मौला
परेशानी में कोई, परेशानी में कोई
तुम्हारा नाम लेता है आ कर्मबार तेरी आके वही
गिरते हुए को थाम लेता है तुम बिन बिगाड़ी कौन बनाये
आस की नैया डूब ना जाए गम के मारे डर पे आए
गम के मारे डर पे आये गम के मारे डर पे आये
गम के मारे डर पे आये
भर जाए उसका दामन जो भी तुम्हें पुकारे
कदमो में आ गए हम हाजी अली तुम्हारे
देता है हिफ़ाज़त दिल में जगा समंदर
फिर तो हमारी कश्ती लगती नहीं कनारे
हबीब-ए-तिबरी उर्फ सदका सुनलो
हबीब-ए-तिबरी उर्फ सदका सुनलो
अली-ए-मुर्तज़ाका सदका सुनलो
अली-ए-मुर्तज़ाका सदका सुनलो
जनाब-ए-फातिमा का सदका सुनलो
जनाब-ए-फातिमा का सदका सुनलो
शहीद-ए-तरबला का सदका सुनलो
शहीद-ए-तरबला का सदका सुनलो
तुम अकबर नौ जवान का सदका सुनलो
हो रबिद ना का आका सदका सुनलो
अली के गुलबादल का सदका सुनलो
अली के गुलबादल का सदका सुनलो
वो तपतीर ऐ वोकल पल का मंज़र
कैलाश-ए-बकावल का सदका सुनलो
जो साकी होके बीजा सा रहा है
उसी बिश्ना का हमका सदका सुनलो
हरकत वसील-ए-तरत माँ पे बेवसीला
बार वसीले गेसु बादु तू आ जीता ले तू
तुम बिन बिगाडी कौन बने आश की नईया डब ना जाए
गम के मारे दर पे ऐ गम के मारे दर पे ऐ
गम के मारे दर पे ऐ गम के मारे दर पे ऐ
मौला अली मौला मौला अली मौला
राहे हसे मु ना मोड़ा आपने
जो ना हो अल्लाह के दिलबर अली
हर जगे चल गेसुजा अटके हुए
फ़तेह करके आये जब ख़बर अली
गुलशन गुलशन डाली डाली
गुलशन गुलशन डाली डाली
फूल फूल और काली काली में
फूल फूल और काली काली में
कलबु कलबु पे ज़बा ज़बा पार
बस्ती बस्ती गली गली
मौला अली मौला मौला अली मौला
मौला अली मौला मौला अली मौला
अली का मरतबा ये अज़मते मौला अली
ये है रसूले हाशमी से मिस्बातें
मौला अली ये है मोहम्मद ने जो फरमाया
लगा लो उसे अंदाज़ा मोहम्मद ने जो फरमाया
लगा लो उसे अंदाज़ा के मैं इल्म और मेरे अली है
उसका दरवाजा
मौला अली मौला मौला अली मौला
मौला अली मौला मौला अली मौला
परेशानी में कोई, परेशानी में कोई
तुम्हारा नाम लेता है आ कर्मबार तेरी आके वही
गिरते हुए को थाम लेता है तुम बिन बिगाड़ी कौन बनाये
आस की नैया डूब ना जाए गम के मारे डर पे आए
गम के मारे डर पे आये गम के मारे डर पे आये
गम के मारे डर पे आये
भर जाए उसका दामन जो भी तुम्हें पुकारे
कदमो में आ गए हम हाजी अली तुम्हारे
देता है हिफ़ाज़त दिल में जगा समंदर
फिर तो हमारी कश्ती लगती नहीं कनारे
हबीब-ए-तिबरी उर्फ सदका सुनलो
हबीब-ए-तिबरी उर्फ सदका सुनलो
अली-ए-मुर्तज़ाका सदका सुनलो
अली-ए-मुर्तज़ाका सदका सुनलो
जनाब-ए-फातिमा का सदका सुनलो
जनाब-ए-फातिमा का सदका सुनलो
शहीद-ए-तरबला का सदका सुनलो
शहीद-ए-तरबला का सदका सुनलो
तुम अकबर नौ जवान का सदका सुनलो
हो रबिद ना का आका सदका सुनलो
अली के गुलबादल का सदका सुनलो
अली के गुलबादल का सदका सुनलो
वो तपतीर ऐ वोकल पल का मंज़र
कैलाश-ए-बकावल का सदका सुनलो
जो साकी होके बीजा सा रहा है
उसी बिश्ना का हमका सदका सुनलो
हरकत वसील-ए-तरत माँ पे बेवसीला
बार वसीले गेसु बादु तू आ जीता ले तू
तुम बिन बिगाडी कौन बने आश की नईया डब ना जाए
गम के मारे दर पे ऐ गम के मारे दर पे ऐ
गम के मारे दर पे ऐ गम के मारे दर पे ऐ
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